यूपी पुलिस की मेहरबानी से जब कलम के सिपाही ही असुरक्षित है तो जनता क्या सुरक्षित रहेगी

Date 15/05/2019 (m.d.sharma)यूपी पुलिस की मेहरबानी से जब कलम के सिपाही ही असुरक्षित है तो जनता क्या सुरक्षित रहेगी

नकली खोया बेचने की खबर छापने से नाराज होकर थाना रसूलाबाद कानपुर देहात क्षेत्र में दबंग खोया व्‍यापारी ने साथियों समेत पत्रकार निखिल चौरसिया पर हमला कर दिया और उसके दोनों हाथ तोड़ दिये। पुलिस ने भी दबंगों से पूरी सहानुभूति दिखाते हुये बेहद हल्‍की धाराओं में मुकदमा लिख कर खानापूरी कर दी। अब हाल ये है कि पत्रकार हाथ पर प्‍लास्‍टर बांधे बिस्‍तर पर पड़ा है और दबंग पीडित को जानमाल की धमकियां देते खुले घूम रहे हैं।  जानकारी के अनुसार बाजार असालतगंज, रसूलाबाद निवासी निखिल चौरसिया पेशे से पत्रकार हैं और एक हिन्‍दी दैनिक अखबार में कार्य करते हैं। बीते दिनों उन्‍होंने क्षेत्र में नकली खोया बनाये जाने पर खबर प्रकाशित की थी। इसी से नाराज़ हो कर स्थानीय खोया व्यापारी अर्जुन कुशवाहा और धीरेन्‍द्र कुशवाहा ने साथियों समेत पत्रकार पर हमला कर दिया, कहा कि बहुत खबर लिखते हो अब लिख कर दिखाओ और पत्रकार के दोनों हाथ तोड़ दिए। बेचारा पत्रकार गम्‍भीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मात्र 323, 504 506 आईपीसी जैसी हल्‍की धाराओं में मुकदमा लिखा और अब आलम ये है कि सभी आरोपी आराम से घूम रहे हैं और पत्रकार व उसके परि‍जनों को जानमाल की धमकी दे रहे हैं।  विदित हो कि सूबे में गुंडई कम करने के नाम पर पुलिस द्वारा 1500 एनकाउंटर कर डाले गये, 60 मार दिए और 400 घायल हैं फिर भी सूबे में लॉ एंड आर्डर का ये हाल है। दबंगों को कानून का कोई डर नहीं है। हालात ये बताते हैं कि यूपी में इस समय पत्रकार सबसे असुरक्षित हैं। पत्रकारों को आये दिन गुंडे मारते हैं, पुलिस पीटती है और नेता झूठे मुकदमों में फंसाते हैं। फिर भी पत्रकार अपना दर्द छिपाये हुये जनता की तकलीफ उजागर करने में लगे रहते हैं।

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