वित्त वर्ष 2021-22 में यूपी सरकार का बजट हो सकता है 5.5 लाख करोड़ के आसपास।

उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 5.5 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है कोरोना महामारी से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही सरकार के सामने राज्य की ऋणग्रस्तता, राजस्व बचत, राजकोषीय घाटे में संतुलन बनाने की चुनौती है। लेकिन चुनावी वर्ष में राजस्व प्राप्तियों का अनुमान बढ़ा-चढ़ाकर लगाकर नई योजनाओं के लिए बजट प्रावधान का तरीका अपनाने का रास्ता खुला है प्रदेश में बजट लाने की तैयारियां चल रही हैं। सरकार ने 2020-21 में 5,12,860.72 करोड़ का बजट पेश किया था। इसे काफी ‘रियलिस्टक’ बजट माना गया था। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस बजट में सिर्फ 6.46 फीसदी वृद्धि का अनुमान था। पर इस पूरे वित्तीय वर्ष में कोविड-19 महामारी का असर रहा और केंद्र व राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है पिछले कुछ महीनों से अर्थव्यवस्था पूर्व की स्थिति में आने के बावजूद राज्य की आय में करीब 60 हजार करोड़ तक कमी का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में सड़क, बिजली, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, एयरपोर्ट, छात्रवृत्ति, पेंशन जैसी भारी बजट वाली चालू योजनाओं व परियोजनाओं के साथ चुनावी वर्ष के लिए लुभावनी स्कीम के लिए बजट बंदोबस्त किस तरह हो, इस पर माथापच्ची जारी है। बजट प्रबंधन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि प्रदेश की ज्यादातर सरकारें चुनावी वर्ष में अक्सर सभी वित्तीय कसौटियां नजरंदाज कर देती हैं। इस कठिन परिस्थिति में यह विकल्प फिर उपलब्ध है।

अधिकतम सीमा तक ऋण लेने का प्रावधान करने, राजस्व प्राप्तियों का अनुमान बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर पूर्ववर्ती सरकारों की तरह नई योजनाओं के लिए बजट बंदोबस्त किया जा सकता है। ऐसा करके बजट आकार 5.50 लाख करोड़ से काफी अधिक ले जाया जा सकता है। पर वास्तविक विकास पर अनुमान लगाएं तो बजट 5.5 लाख करोड़ के आसपास सीमित हो सकता है। यह भी पूर्वानुमान से कम होगा। ऐसा करके सरकार चुनाव से ठीक पहले एक अनुपूरक बजट का विकल्प खोल कर रख सकती है अनुपूरक बजट में लुभावनी स्कीम का दांव ज्यादा कारगर हो सकता है। हालांकि प्रदेश सरकार केंद्रीय बजट देखने के बाद अपनी नई योजनाओं पर निर्णय करेगी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राज्य आय के त्वरित अनुमान तथा वित्त वर्ष 2020-21 के दूसरी तिमाही के अनुमान जारी कर दिए गए हैं। निदेशक अर्थ एवं संख्या प्रभाग विवेक ने बताया है कि वित्त वर्ष 2019-20 में प्रचलित भावों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 16,87,818 करोड़ रुपये तथा प्रति व्यक्ति आय 65,704 रुपये रहने का अनुमान है।

इसी तरह 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2020) में प्रचलित भावों पर पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद 4,07,684 करोड़ रहने का अनुमानित अनुमान है।

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